भ्रष्टाचार उजागर करने के संदेह में डिस्पेच सुपरवाइजर शिवांगी को नौकरी से निकाला - Shivpuri


सागर शर्मा शिवपुरी -  संभागीय पोषण आहार संयंत्र में भ्रष्टाचार की परतें खुलती नजर आ रही हैं प्लांट में पदस्थ डिस्पेच सुपरवाइजर शिवांगी शर्मा को नौकरी से निकाल दिया गया, क्योंकि प्लांट की सीईओ युक्ति शर्मा को संदेह था कि वह मोबाइल के माध्यम से वहां हो रही अनियमितताओं को उजागर कर रही थीं यही नहीं, महिला अधिकारी पर मानसिक उत्पीड़न के भी आरोप लगे हैं।

>मोबाइल छीनकर भ्रष्टाचार दबाने का प्रयास?

हाल ही शिवांगी शर्मा ने पुलिस में दर्ज कराई  शिकायत में बताया था कि उनका मोबाइल प्लांट की महिला गार्ड से छीनवा लिया गया सीईओ युक्ति शर्मा को संदेह था कि उनके फोन में भ्रष्टाचार के सबूत हैं इसलिए इसे जब्त कर लिया गया और लॉक कर दिया गया बाद में थाना पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मोबाइल उन्हें वापस मिल गया, लेकिन अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है पीड़िता का आरोप है कि प्लांट में कार्यरत हेमंत नामक कर्मचारी लगातार उनका पीछा करता था और उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग करता था इतना ही नहीं, जब वह वॉशरूम जाती थीं, तब भी उन पर नजर रखी जाती थी। यह पूरी तरह से निजता के अधिकार का उल्लंघन है। शिवांगी शर्मा का कहना है कि जब उन्होंने इस मामले को उठाने की कोशिश की, तो उन्हें धमकाया गया और अंततः नौकरी से निकाल दिया गया।

> झूठे आरोप लगाने का दबाव

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि सीईओ युक्ति शर्मा ने उन पर महिला गार्डों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट बनाने का दबाव डाला। उन्हें कहा गया कि वे अपनी रिपोर्ट में लिखें कि महिला गार्डों के ड्राइवरों से अवैध संबंध हैं। जब उन्होंने इस झूठी रिपोर्ट को लिखने से इनकार किया, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी गई।

>सीईओ के खिलाफ पहले भी लगे हैं आरोप

संस्थान की कई महिला कर्मचारियों ने बताया कि युक्ति शर्मा पहले भी कई महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार कर चुकी हैं कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पहले औबेदुल्लागंज जनपद पंचायत से भी भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते हटाया गया था यह सवाल खड़ा करता है कि ऐसी संदिग्ध छवि वाली अधिकारी को बार-बार क्यों नियुक्त किया जा रहा है?

>प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल - शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है पुलिस का कहना है कि मोबाइल वापस दिला दिया गया है लेकिन अन्य शिकायतों पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।

इनका कहना है :- "मुझे महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसका मोबाइल छीन लिया गया है, जिसे मेडम द्वारा वापस नहीं किया जा रहा है मैं वहां गया, जिसके बाद सीईओ ने उनका मोबाइल लौटा दिया इसके अलावा मुझे कोई अन्य शिकायत नहीं दी गई है रत्नेश यादव, थाना प्रभारी, देहात थाना अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करेगा या भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देता रहेगा?

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