मध्य प्रदेश में ई-पंजीयन प्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है एक अप्रैल 2025 से संपदा-1 पोर्टल पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और केवल संपदा-2 के माध्यम से ही रजिस्ट्री एवं स्टॉम्पिंग की प्रक्रिया होगी महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय की तरफ से कहा गया कि संपदा-2.0 अधिक सुरक्षित और आधुनिक प्रणाली है। अब तक पायलट प्रोजेक्ट वाले चार जिलों गुना, रतलाम, हरदा और डिंडोरी में ही पूरी तरह से संपदा-2.0 पर काम हो रहा था, बाकी जिलों में संपदा-2.0 के साथ संपदा-1.0 में भी समानांतर रूप से पंजीयन कार्यालयों में पंजीयन का काम किया जा रहा था।
1 अप्रैल से कोई भी रजिस्ट्री संपदा-1.0 के माध्यम से नहीं हो सकेगी प्रदेश में रजिस्ट्री और स्टॉम्पिंग की प्रक्रिया 1 अप्रैल से पूरी तरह डिजिटल और नई प्रणाली संपदा-2 पर आधारित होगी। स्टाम्प वेंडरों के लिए यह बदलाव शुरुआत में चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन प्रशासन ने इसे लागू करने का निर्णय ले लिया है।
बता दें, "संपदा-2.0" यह उन्नत तकनीक पर आधारित सॉफ्टवेयर है इसमें राजस्व वित्त विभाग और नगरीय प्रशासन के साथ जीएसटी और यूनिक आईडी आधार से भी जोड़ा गया है जमीन की रजिस्ट्री के लिए कलेक्टर की गाइडलाइन दर एप में लोकेशन के माध्यम से मालूम करने की सुविधा है सॉफ्टवेयर से संपत्ति की जीआईसी मैपिंग, बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों की फॉर्मेटिंग की भी सुविधा है दस्तावेजों के पंजीयन के लिए व्यक्तिगत मौजूदगी की जरूरत नहीं होने की भी सुविधा है।
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